About Contact Privacy Policy
IMG-LOGO
Home व्यापार शेयर मार्केट सरकार ने कामगारों का वेतन नहीं रोकने का जो निर्देश दिया था उसका पालन करना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है
व्यापार

सरकार ने कामगारों का वेतन नहीं रोकने का जो निर्देश दिया था उसका पालन करना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है

by Akhbar Jagat , Publish date - Apr 02, 2020 02:36PM IST
सरकार ने कामगारों का वेतन नहीं रोकने का जो निर्देश दिया था उसका पालन करना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है

कोरोना वायरस के असर से उभर रहे आर्थिक संकट के दौरान सरकार ने कामगारों का वेतन नहीं रोकने का जो निर्देश दिया था, उसका पालन करना कंपनियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कुछ मामलों में तो कंपनियां इसका पालन करने की स्थिति में ही नहीं रह गई हैं। कंपनियों का कहना है कि उनकी आमदनी घट रही है या बिल्कुल ही आमदनी नहीं हो रही है और लोन माफी जैसे उपायों से इसकी भरपाई भी नहीं की जा रही है।

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्हें सरकार से ज्यादा मदद की जरूरत है। लेबर मिनिस्ट्री ने एंप्लॉयीज स्टेट इंश्योरेंस स्कीम के जरिए अनएंप्लॉयमेंट बेनिफिट बढ़ाने की योजना बनाई है, लेकिन इंडस्ट्री का कहना है कि जितनी बड़ी समस्या है, उसका समाधान इस कदम से शायद न हो सके।

कानूनी आधार है कोई!
इंडस्ट्री यह सवाल भी कर रही है कि सरकार के निर्देशों का कोई कानूनी आधार है भी या नहीं। उदाहरण के लिए, डिजास्टर मैनेजमेंट ऐक्ट वेतन भुगतान जारी रखने का कोई कानूनी आधार मुहैया नहीं कराता है। इसके साथ ही कामगारों के काम पर नहीं आने की समस्या भी जुड़ गई है। सरकार ने निर्देश दिया था कि वर्कर काम पर आए या न आए, उसका वेतन भुगतान नहीं रुकना चाहिए। कुछ प्रॉडक्ट कैटिगरीज में लेबर शॉर्टेज से जल्द ही सप्लाई की तंगी की स्थिति बन सकती है।

सैलरी देगी सरकार?
कैश फ्लो की समस्या से जूझ रहीं छोटी कंपनियां ज्यादा साफगोई से बात कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में प्लास्टिक टैंक बनाने का कारखाना चलाने वाले एस सिंगला ने कहा, 'सरकार कुछ भी कह सकती है। क्या वह सैलरी देगी? हम बहुत कम मार्जिन पर काम करते हैं। हमें 20 पर्सेंट वर्कफोर्स की छंटनी करनी पड़ेगी।

Tags:
Share:
Facebook Twitter Whatsapp

Related News